पोकरण फायरिंग रेंज में सेना का मानव रहित विमान गिर कर नष्ट हुआ

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न्यूज चक्र @ जोधपुर/ सेन्ट्रल डेस्क

सीमावर्ती जिले जैसलमेर के पोकरण फायरिग रेंज में चल रहे युद्धाभ्यास के दौरान बुधवार दोपहर भारतीय सेना का एक मानव रहित विमान गिरकर नष्ट हो गया। यह अपनी नियमित उड़ान पर था। सेना के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच नष्ट हुए विमान को अपने कब्जे में ले लिया। छह माह के भीतर राज्य में मानव रहित विमान गिरने की यह तीसरी घटना है। फिलहाल स्ोना की ओर से इस पर कोई अधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

जैसलमेर से नियमित उड़ान भरने के थोड़ी देर बाद इस मानव रहित विमान का नियंत्रण कक्ष से सम्पर्क टूट गया। कुछ ही देर में चांदन गांव के निकट इस विमान के गिरने की सूचना मिली। ग्रामीणों ने पुलिस को इसकी सूचना दी थी। उधर नियंत्रण कक्ष से सम्पर्क टूटने के साथ ही सेना ने भी तलाशी अभियान शुरू कर दिया था। सूचना मिलते ही सेना के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उल्लेखनीय है कि चांधन गांव के निकट स्थित फायरिग रेंज में भारतीय सेना की 21 स्ट्राइक कोर का बड़ा युद्धाभ्यास चल रहा है। इसमें इस मानव रहित विमान का उपयोग किया जा रहा था।

बिना पायलट के रिमोट से ही उड़ता है यह विमान

मानव रहित विमान विश्ोष प्रकार का छोटा विमान होता है। खिलौने जैसा नजर आने वाले इस विमान में कैमरा व अन्य जासूसी उपकरण लगे होते हैं। इसे कंट्रोल रूम में बैठ कर रिमोट कंट्रोल से ही संचालित किया जाता है। इस प्रकार इसे उड़ाने के लिए पायलट की आवश्यकता नहीं होती है। युद्ध के दौरान दुश्मन के ठिकानों का पता लगाने व हमला करने में इनका उपयोग किया जाता है। ऐसे विमानों को ड्रोन या टोही विमान भी कहा जाता है। भारतीय सेना नब्बे के दशक से इन विमानों का उपयोग कर रही है। उसके पास इजराइल के अलावा देश में ही विकसित ऐसे विमान हैं। ये विमान एक बार में सोलह हजार फीट की ऊंचाई तक 8 से 1० घंटे तक बगैर नीचे उतरे उड़ान भर सकते हैं।