कोटा को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 5 हजार करोड़ की जरूरत, मिलेंगे केवल 1 हजार

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विधायक भवानीसिंह राजावत ने कहा कि शहर में सारी व्यवस्थाएं हैं चरमराई हुई

प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस योजना में बजट में बढ़ोतरी करने का आग्रह करेंगे

न्यूज चक्र @ कोटा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देश के सौ शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना बहुत सराहनीय है। मगर इनके लिए तय की गई राशि बहुत कम है। खासतौर पर राजस्थान के शहरों की बदहाली को देखते हुए। लाडपुरा विधायक भवानीसिंह राजावत ने नगर निगम की इस मुद्दे पर हुई एक बैठक में यह बात कही।
राजावत ने कहा है कि राजस्थान के शहरों के हालात इतने बदतर हैं कि एक साल के लिए 100 करोड़ रुपए में इनकी तस्वीर नहीं बदली जा सकती है। कोटा को ही लें तो पानी, बिजली, सड़क सहित चिकित्सा तंत्र का ढांचा भी बुरी तरह चरमराया हुआ है । इसलिए इसे पूरी तरह विकसित करने के लिए निर्धारित 10 साल की अवधि में 5 हजार करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी। जबकि इस योजना में केन्द्र से केवल 1 हजार करोड़ रुपए ही मिलेंगे।
विधायक ने यह भी कहा कि शहर के स्मार्ट बनने का मतलब केवल सौंदर्यीकरण नहीं है, बल्कि पानी, बिजली, सड़क, चिकित्सा व रोजगार लोगों को पर्याप्त मात्रा में मुहैया कराना भी है। उन्होंने कहा कि चम्बल में अथाह पानी होने के बावजूद हम लाखों लोगों की प्यास पूरी तरह नहीं बुझा पा रहे हैं। पूरी पेयजल व्यवस्था के लिए ही 1 हजार करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी। बिना हवाई यातायात सुविधा के भी शहर स्मार्ट सिटी का रूप नहीं ले पाएगा। नए हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भी हजारों करोड़ रुपयों की आवश्यकता है। ऐसे ही कई महत्वपूर्ण मुद्दे राजावत ने बैठक में उठाए। अंत में उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शहरवासियों की भावनाएं जानकर उनके सुझावों से सरकार को अवगत करवाएं। साथ ही प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर स्मार्ट सिटी के बजट में बढ़ोतरी करने का आग्रह करने की बात भी कही। बैठक में महापौर महेश विजय, उपमहापौर सुनीता व्यास ने भी अपने विचार रखे।