57 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थियों ने नहीं दी आरएएस प्री- 2013 पुन: परीक्षा

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न्यूज चक्र @ अजमेर

राज्यभर के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर शनिवार को हुई राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रा.) पुन: परीक्षा 2013 में अभ्यर्थियों की अब तक की सबसे कम 42.07 प्रतिशत उपस्थिति ही रही। 4 लाख 7 हजार 829 अभ्यर्थियों में से 2 लाख 36 हजार 531 अर्थात 57. 03 प्रतिशत अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। इस प्रकार केवल 1 लाख 71 हजार 571 अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी।
जानकारी के अनुसार इनमें से जालौर में सबसे अधिक 58. 25, वहीं अजमेर में सबसे कम 26.19 प्रतिशत अभ्यर्थी ही उपस्थित हुए। इस बार खास बात यह रही कि राज्य के किसी भी परीक्षा केन्द्र पर नकल होने या पेपर लीक होने का मामला सामने नहीं आया। इसका कारण परीक्षा में नकल रोकने के लिए आयोग की ओर से उठाए गए सख्त कदमों को माना जा रहा है। आयोग ने परीक्षा शांतिपूर्ण सम्पन्न करवाने के साथ ही नवम्बर माह के अंतिम सप्ताह तक परिणाम जारी करने का दावा किया था।
प्रदेश के 33 जिलों में बनाए गए 1 हजार 232 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित इस परीक्षा में नकल रोकने के लिए एआईपीएमटी की तर्ज पर सख्ती की गई थी। परीक्षा केन्द्रों पर अभ्यर्थियों की तलाशी के साथ डेस कोड लागू करने सहित अन्य सख्ती करने से नकल कराने और करने वाले गिरोह सक्रिय नहीं हो सके। यहां तक की आयोग अध्यक्ष ललित के पंवार ने खुद अजमेर में परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया। आयोग के सचिव नरेश कुमार ठकराल आयोग में स्थित नियंत्रण कक्ष से पूरे राज्य में कलक्टर और पुलिस अधीक्षकों के सम्पर्क में रह कर जानकारी ले रहे थ्ो। उन्होंने नवम्बर के अंतिम सप्ताह तक आरएएस प्री परीक्षा का परिणाम जारी कर फरवरी 2०16 में मुख्य परीक्षा का आयोजन करने की घोषणा की है।

9 जिलों में ही रही 50 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति

राज्य के केवल नौ जिलों में ही इस परीक्षा में 50 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही। इनमें बांसवाड़ा में 55.76 , बारां में 52.22, बाड़मेर में 57.95, बूंदी में 54.61, डूंगरपुर में 54.98, जालौर में 58.25, करौली में 50.78, पाली में 50.53 और टोंक में 53.33 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।

5 जिलों में 40 प्रतिशत से कम उपस्थिति

वहीं राज्य के 5 जिलों में 40 प्रतिशत से भी कम अभ्यर्थी उपस्थित रहे। इनमें अजमेर में सबसे कम 26.19, अलवर में 37.82, भरतपुर में 32.20, धौलपुर में 35.97 और श्रीगंगानगर में 36.91 प्रतिशत ही उपस्थिति रही।

दूसरे राज्यों के केवल 10 प्रतिशत अभ्यर्थी ही आए

आरपीएससी ने इस बार मध्यप्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों के 20 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को अजमेर में ही परीक्षा केन्द्र आवंटित किए थ्ो। आयोग का मानना है कि दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों के उनके पड़ोसी जिलों में ही परीक्षा केन्द्र होने से नकल की आशंका अधिक रहती है।
इसलिए उन्हें अजमेर में परीक्षा केन्द्र आवंटित किए गए। यही कारण रहा कि दूसरे राज्यों के कुल आवेदकों में से 10 प्रतिशत से भी कम अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी। अजमेर में बाहरी राज्यों के 42 हजार 109 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, मगर 11 हजार 27 अभ्यर्थी ही आए। इस प्रकार 31 हजार 82 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

दो जिलों में लगाए जैमर, कई जगह सीसीटीवी कैमरों से निगरानी

आयोग के सचिव नरेश ठकराल ने बताया कि इस बार प्रयोग के तौर पर जोधपुर और बीकानेर के 50 संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर जैमर लगाए गए थे। इनके अतिरिक्त सीकर, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, हिडौन, करौली, दौसा आदि जिलों में संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए।