बाबोसा को सादर नमन

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    पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिह शेखावत को न्यूज चक्र.कॉम परिवार की ओर से 92 वीं जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित

    न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क

    भाजपा के कद्दावर नेता रहे पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरोंसिह शेखावत की आज 92 वीं जयंती है। राजस्थान ही नहीं पूरे देश की राजनीति में उनकी दमदार इमेज रही। शेखावत के साथ जुड़ी खास बात यह थी कि कांग्रेस के नेताओं तक से उनके मधुर संबंध रहे। उनका सामाजिक व राजनीतिक सफर जनसंघ व जनता पार्टी के बाद भाजपा के साथ चला। सम्मान से उन्हें बाबोसा भी पुकारा जाता था।
    प्रदेश में पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनाने का श्रेय शेखावत को ही है।.वे राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री बने। यहां से देश के 11 वें उपराष्ट्रपति बनने तक का सफर तय किया। दिलचस्प बात यह थी कि अपनी पत्नी सूरज कंवर से दस रुपए उधार लेकर उन्होंने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत की थी। थानेदारी से गांव की राजनीति में उतरे भ्ौरांेसिंह की दमदार शख्सियत का हर कोई कायल था। उनके विरोधी भी इसमें शामिल थ्ो। जानिये उनके बारे में और बहुत कुछ—-.

    जन्म – 23 अक्टूबर 1923 (धनतेरस के दिन )
    जन्म स्थान -ग्राम खाचरियावास, तहसील दांतारामगढ़-जिला सीकर
    शिक्षा :- हाई स्कूल.
    प्रथम चुनाव दांतारामगढ़ विधायक.
    जनसंघ से पहली बार वर्ष 1952 में दांतारामगढ़ विधायक बने। राज्य विधानसभा के ऐसे सौभाग्यशाली विधायक रहे जो पांचवीं विधानसभा को छोड़कर प्रथम विधानसभा से ग्यारहवीं विधानसभा तक के सदस्य चुने गए। वर्ष 1971 में वह चुनाव नहीं जीत पाए थ्ो। वर्ष 1975 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्बारा इमरजेंसी लगाए जाने पर 19 महीने जेल में रहना पड़ा। प्रदेश में पहली बार बनी गैर कांग्रेसी सरकार ( 22 जून 1977 से 16 फरवरी 198० तक) के मुख्यमंत्री रहे। दूसरी बार 4 मार्च 199० से 15 दिसंबर 1992 तक व तीसरी बार 4 दिसंबर 1993 से 29 नवंबर 1998 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। देश के उपराष्ट्रपति के पद पर 19 अगस्त 2००2 से 21 अगस्त 2००7 तक रहकर प्रदेश का मान बढ़ाया। इसके बाद वे राष्ट्रपति का चुनाव भी लड़े, मगर हार गए। इसके बाद से वे अस्वस्थ रहने लगे थ्ो। इसी दौरान 15 मई 2०1० को श्ोखावत ने दुनिया छोड़ दी।