कांग्रेसी सांसदों का सस्पेंशन: स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव ला सकता है विपक्ष

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नई दिल्ली: संसद में जारी गतिरोध के बीच सरकार और विपक्ष दोनों ने कड़ा रुख अपना लिया है। कोई भी झुकने को तैयार नहीं है। ऐसे में बचे हुए मानसून सेशन के भी आरोप-प्रत्यारोपों की बाढ़ में बहना तय माना जा रहा है। dainikbhaskar.com ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं से बात की। बीजेपी को छोड़कर बाकी सभी कांग्रेस के 25 सांसदों के सस्पेंशन को गलत ठहरा रहे हैं। सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि स्पीकर के नरम रुख न अपनाने पर पूरा विपक्ष मिलकर उनके खिलाफ प्रस्ताव ला सकता है। सभी पार्टियों में इस मुद्दे पर बातचीत हो रही है।
विपक्ष एकजुट
सस्पेंड कांग्रेसी सांसदों के समर्थन में मंगलवार को आयोजित संयुक्त विपक्ष के धरने में एसपी, आरजेडी, तृणमूल कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के नेताओं की मौजूदगी से विपक्षी एकता की कोशिशों को बल मिला है। संसद के अंदर बीजेपी के नजदीक माने जाने वाले दलों ने भी सस्पेंशन रद्द करने की दरख्वास्त की। बीजेडी के तथागत सत्यपथी ने स्पीकर सुमित्रा महाजन से कहा कि सस्पेंशन का ड्यूरेशन पांच दिन से घटाकर एक दिन कर दें। एआईएडीएमके ने भी कहा कि सस्पेंशन से जनता में अच्छा संदेश नहीं जा रहा है। समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के सुर भी बदले नजर आए। कभी सुषमा स्वराज के इस्तीफे की कांग्रेस की मांग का विरोध करने वाले मुलायम ने भी सस्पेंशन वापस लेने की अपील की। स्पीकर के राजी न होने पर मुलायम ने अपने सांसदों के साथ संसद का बहिष्कार किया।
तृणमूल-बीजेपी में फिर खटास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बस यात्रा पर ममता बनर्जी के बांग्लादेश यात्रा पर जाने के बाद से तृणमूल और बीजेपी एक दूसरे के प्रति नरम रुख अपनाए हुए थे। हालांकि, कांग्रेसी सांसदों के सस्पेंशन ने दोनों के रिश्तों में फिर खटास पैदा कर दी। तृणमूल सांसदों ने भी मंगलवार को दोनों सदनों का बहिष्कार किया। टीएमसी नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा – यह अनडेमोक्रेटिक कदम है। हम उम्मीद करते हैं कि स्पीकर अपने फैसले पर दोबारा से सोचें।
सरकार रुख पर अड़ी
संसदीय कार्यमंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार किसी भी तरह झुकने को तैयार नहीं है। यह स्पीकर का फैसला है। अगर कांग्रेस को सस्पेंशन वापस कराना है तो स्पीकर से ही रिक्वेस्ट करनी होगी। 1989 में 63 सांसदों के सस्पेंशन का मामला उठाते हुए नायडू ने कहा-कांग्रेस 25 सांसदों को सस्पेंड किए जाने को लोकतंत्र की हत्या बता रही है। लेकिन राजीव गांधी की सरकार के दौरान जब 63 एमपी लोकसभा से सस्पेंड कर दिए गए थे, तो लोकतंत्र की हत्या नहीं हुई थी क्या? उधर, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा- जिस पार्टी ने इमरजेंसी लगाकर जनता के सभी अधिकार खत्म कर दिए थे। जिस पार्टी में मां अध्यक्ष और बेटा उपाध्यक्ष हो, वह लोकतंत्र की बात करे तो अजीब सा लगता है।